बरेली: मार्कशीट में सुधार के नाम पर 10 हजार की रिश्वत, यूपी बोर्ड का वरिष्ठ सहायक गिरफ्तार

बरेली: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद के क्षेत्रीय कार्यालय में गुरुवार को विजिलेंस टीम ने कार्रवाई करते हुए एक वरिष्ठ सहायक को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि कर्मचारी इंटरमीडिएट की मार्कशीट में दर्ज नाम संबंधी गलतियां ठीक कराने के बदले छात्र से रिश्वत की मांग कर रहा था। शिकायत के बाद विजिलेंस टीम ने पहले मामले की गोपनीय जांच की और आरोप सही पाए जाने पर जाल बिछाकर गिरफ्तारी की।

विजिलेंस एसपी अरविंद कुमार के अनुसार पकड़े गए कर्मचारी की पहचान मोहम्मद नावेद के रूप में हुई है। वह यूपी बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय बरेली में वरिष्ठ सहायक के पद पर तैनात है और कमरा नंबर 22 में बैठता है। बताया गया है कि वह मूल रूप से फतेहगढ़, फर्रुखाबाद का रहने वाला है।

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विजिलेंस के मुताबिक शिकायतकर्ता की इंटरमीडिएट की मार्कशीट में नाम के आगे दर्ज ‘कु.’ को सही कराया जाना था। वहीं, छात्र की मां के नाम ‘सुनीता’ की जगह ‘उनीता’ दर्ज हो गया था। इन दोनों त्रुटियों को दुरुस्त कराने के लिए छात्र कार्यालय पहुंचा। आरोप है कि काम कराने के एवज में वरिष्ठ सहायक ने उससे 10 हजार रुपये की मांग कर दी।

छात्र ने रिश्वत देने के बजाय मामले की शिकायत विजिलेंस के बरेली सेक्टर के अधिकारियों से कर दी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने गोपनीय तरीके से जांच की और रिश्वत मांगने की पुष्टि की। इसके बाद शिकायतकर्ता को तय रकम के साथ आरोपी के पास भेजा गया। जैसे ही उसने वरिष्ठ सहायक को 10 हजार रुपये दिए, पहले से मौजूद विजिलेंस टीम ने उसे दबोच लिया। टीम ने रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली।

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गिरफ्तार कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। विजिलेंस अधिकारियों ने कहा कि सरकारी काम के बदले रिश्वत मांगने वालों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।

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