गोंडा: कैसरगंज के पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने खाद्य पदार्थों में मिलावट और नकली सामान के कारोबार को लेकर सरकार और प्रशासन को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी सीधे लोगों की सेहत से जुड़ा गंभीर विषय है, इसलिए कार्रवाई उन लोगों पर होनी चाहिए जो वास्तव में नकली और मिलावटी सामान का कारोबार कर रहे हैं। उन्होंने ईमानदारी से कारोबार करने वाले व्यापारियों को अनावश्यक जांच और कार्रवाई से बचाने की बात कही।
प्रतिभा सम्मान समारोह में शामिल हुए पूर्व सांसद
बृजभूषण शरण सिंह शुक्रवार को गोंडा स्थित रघुकुल विद्यापीठ में आयोजित प्रतिभा सम्मान समारोह में पहुंचे। कार्यक्रम में जिले के पांच ब्लॉकों से आए 1,000 से अधिक प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान उन्होंने युवाओं की शिक्षा और भविष्य के साथ-साथ खाद्य पदार्थों में बढ़ती मिलावट और प्रशासनिक कार्रवाई से जुड़े मुद्दों पर भी अपनी राय रखी।
‘नकली सामान बेचने वालों पर हो कार्रवाई’
पूर्व सांसद ने दूध, तेल, घी समेत रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि सरकार ने कुछ खाद्य पदार्थों पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठाए हैं, लेकिन ऐसे मामलों में कार्रवाई समय रहते होनी चाहिए। अधिकारियों को सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि जांच के नाम पर सही कारोबार करने वालों को परेशान करने के बजाय नकली सामान बेचने वालों तक कार्रवाई पहुंचनी चाहिए। उन्होंने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाने पर जोर दिया।
‘दूध का उत्पादन कम, खपत कई गुना ज्यादा’
बृजभूषण शरण सिंह ने दूध की उपलब्धता और बाजार में उसकी खपत का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि देश में जितना दूध उत्पादित होता है, उसकी तुलना में खपत कई गुना अधिक है। इसी का हवाला देते हुए उन्होंने दूध के साथ-साथ नकली तेल और घी जैसे उत्पादों की बिक्री पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना था कि खाद्य पदार्थों में मिलावट का असर सीधे आम लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ता है।
लंबे समय से उठा रहे हैं मिलावट का मुद्दा
पूर्व सांसद ने कहा कि वह लंबे समय से मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से इस मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने की अपील की। उनका जोर इस बात पर रहा कि मिलावट करने वाले कारोबारियों की पहचान कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाए, जबकि नियमों के तहत कारोबार करने वाले व्यापारियों को बेवजह परेशान न किया जाए।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)


















































