बरेली: नगरिया सादात गांव निवासी सलीम ने रेलवे के टीटीई पर उनके बेटे के साथ गलत कार्रवाई करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बेटे ने मीरगंज क्षेत्र के स्टेशन से यात्रा के दिन का टिकट खरीदा था, लेकिन गाजियाबाद में जांच के दौरान टीटीई ने टिकट को पुराना बताते हुए उसे जीआरपी थाने ले गया। बाद में उसके खिलाफ 620 रुपये का ऑनलाइन चालान कर दिया गया। पीड़ित के पिता ने रेलवे अधिकारियों से मामले की जांच कर कार्रवाई की मांग की है।
सलीम ने बताया कि गुरुवार सुबह उनका बेटा मोहम्मद आलम इंटरसिटी एक्सप्रेस से दिल्ली जाने के लिए निकला था। उसने नगरिया सादात स्टेशन से 85 रुपये का टिकट लिया था। सलीम के अनुसार टिकट पर उसी दिन की तारीख अंकित थी। ट्रेन के गाजियाबाद पहुंचने पर टिकट जांच के दौरान एक टीटीई ने मोहम्मद आलम को रोक लिया। टीटीई ने टिकट को 22 अगस्त का बताते हुए उसे पुराना करार दिया।
मोहम्मद आलम ने टीटीई को बताया कि टिकट उसी दिन स्टेशन से लिया गया है और उस पर यात्रा की तारीख भी अंकित है। इसके बावजूद उसकी बात नहीं मानी गई। आरोप है कि टीटीई उसे गाजियाबाद जीआरपी थाने ले गया, जहां ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से 620 रुपये का चालान काट दिया गया।
घटना की जानकारी मिलने के बाद सलीम ने रेलवे विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि टिकट सही था तो बेटे के खिलाफ कार्रवाई क्यों की गई, इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने दोषी पाए जाने पर संबंधित टीटीई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।वहीं नगरिया सादात के असिस्टेंट स्टेशन मास्टर रफीक अहमद ने बताया कि टिकट स्टेशन से ही जारी किया गया था और उस पर गुरुवार की तारीख अंकित है।


















































