समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय के बाहर लगाए गए एक विवादित होर्डिंग को लेकर प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है। प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और रायबरेली की ऊंचाहार विधानसभा सीट से विधायक डॉ. मनोज कुमार पांडेय ने इस पोस्टर को लेकर समाजवादी पार्टी पर जोरदार हमला बोला है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कैबिनेट मंत्री ने सपा नेतृत्व से इस कृत्य के लिए ब्राह्मण समाज से सार्वजनिक रूप से तत्काल माफी मांगने की मांग की है।
धार्मिक प्रतीकों के उपहास पर जताया कड़ा ऐतराज
कैबिनेट मंत्री मनोज कुमार पांडेय ने पोस्ट के जरिए सपा कार्यालय के बाहर लगे होर्डिंग को अत्यंत निंदनीय और अमर्यादित करार दिया है। उन्होंने कहा कि होर्डिंग में ब्राह्मण समाज के व्यक्ति को घुटनों के बल बैठा हुआ दिखाया गया है तथा त्रिपुण्ड और जनेऊ जैसे पवित्र धार्मिक प्रतीकों का प्रदर्शन करते हुए उन्हें ‘चंदा चोरी’ जैसे गंभीर आरोपों से जोड़ने की घिनौनी कोशिश की गई है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि धार्मिक पहचान और परंपराओं का ऐसा उपहास उड़ाना लोकतंत्र और सामाजिक मर्यादाओं का खुला उल्लंघन है, जिससे करोड़ों लोगों की आस्था को गहरी ठेस पहुंची है।
राजनीति में विरोध करें, लेकिन आस्था और समाज का अपमान बर्दाश्त नहीं
सपा नेतृत्व को सीधे आड़े हाथों लेते हुए मंत्री ने कहा कि वैचारिक मतभेद और राजनीतिक विरोध लोकतंत्र का स्वाभाविक हिस्सा हैं, लेकिन किसी समाज की आस्था, पहचान और सम्मान को नीचा दिखाना घटिया राजनीति है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि ब्राह्मण समाज के स्वाभिमान और धार्मिक आस्था के साथ खिलवाड़ को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सपा से होर्डिंग हटाने और सार्वजनिक माफी की मांग
कैबिनेट मंत्री ने मांग की है कि समाजवादी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस विवादित पोस्टर का तत्काल संज्ञान ले, इसे फौरन हटाए और ब्राह्मण समाज से सार्वजनिक तौर पर क्षमा याचना करे। उनके इस बयान के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में भूचाल आ गया है और सियासी गलियारों में बहस तेज हो गई है।
(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)



















































