फतेहगढ़, फर्रुखाबाद : फर्रुखाबाद के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. आनंद उपाध्याय द्वारा जारी किया गया एक नया आदेश जिले में चर्चा का विषय बन गया है। कार्यभार संभालने के बाद सीएमओ कार्यालय के बाहर एक नोटिस चस्पा कराया गया है, जिसमें कार्यालय परिसर के भीतर मोबाइल फोन और कैमरा लेकर प्रवेश करने पर रोक लगाने की बात कही गई है।
इस नोटिस के सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के इस फैसले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। विशेष रूप से नोटिस में पत्रकारों का उल्लेख होने की बात सामने आने के बाद मीडिया जगत में भी इस आदेश को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता बनाए रखना आवश्यक है, ऐसे में मोबाइल और कैमरे पर रोक लगाने के पीछे क्या कारण हैं, यह स्पष्ट किया जाना चाहिए।
बताया जा रहा है कि सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने जिले का कार्यभार संभालने के तुरंत बाद कार्यालय की व्यवस्था को लेकर यह निर्देश जारी कराया है। नोटिस कार्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाया गया है, ताकि आने वाले कर्मचारी, फरियादी और अन्य लोग इसकी जानकारी प्राप्त कर सकें।
हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से अभी तक इस आदेश के पीछे का विस्तृत कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। वहीं, इस फैसले को लेकर आम लोगों, कर्मचारियों और पत्रकारों के बीच अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कई लोग इसे कार्यालय की सुरक्षा और गोपनीयता से जोड़कर देख रहे हैं, जबकि कुछ इसे सूचना के अधिकार और पारदर्शिता के नजरिए से सवालों के घेरे में मान रहे हैं।
फिलहाल यह आदेश पूरे जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्वास्थ्य विभाग इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी करता है या नहीं।
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