मथुरा: मथुरा-वृंदावन नगर निगम क्षेत्र के कई वार्डों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को लेकर लोगों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। सफाई व्यवस्था, सीवर जाम, जलभराव, टूटी सड़कें, खराब स्ट्रीट लाइट और अतिक्रमण जैसी समस्याएं लगातार सामने आ रही हैं। नगर निगम द्वारा ऑनलाइन शिकायत पोर्टल और जनसुनवाई की व्यवस्था होने के बावजूद स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शिकायतों का समाधान तय समय में और स्थायी रूप से नहीं हो पा रहा है।
जनसुनवाई के बाद भी नहीं मिल रहा स्थायी समाधान
नगर निगम की ओर से नियमित जनसुनवाई आयोजित कर लोगों की शिकायतें सुनी जाती हैं, लेकिन कई नागरिकों का आरोप है कि अधिकांश मामलों में कार्रवाई केवल औपचारिकता बनकर रह जाती है। उनका कहना है कि शिकायतों का निस्तारण कागजों में दिखा दिया जाता है, जबकि कुछ ही दिनों बाद वही समस्याएं दोबारा सामने आ जाती हैं। इससे लोगों का शिकायत व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है।
इन समस्याओं से सबसे ज्यादा परेशान हैं लोग
नगर निगम के शिकायत पोर्टल और जनसुनवाई में सबसे अधिक शिकायतें सफाई व्यवस्था, जलभराव और सीवर ओवरफ्लो को लेकर दर्ज हो रही हैं। कई इलाकों में नियमित सफाई नहीं होने से कूड़े के ढेर लगे रहते हैं, जबकि बारिश के दौरान नालियों की सफाई न होने से जलभराव की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा महीनों से बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटें, टूटी सड़कें और अधूरे निर्माण कार्य भी लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। बाजार क्षेत्रों में अतिक्रमण के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
वार्ड स्तर पर निगरानी और जवाबदेही की मांग
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि प्रत्येक वार्ड में नियमित निरीक्षण किया जाए और अधिकारियों की जवाबदेही तय हो तो अधिकांश समस्याओं का समय पर समाधान संभव है। नागरिकों का कहना है कि शिकायतों की लगातार निगरानी और फील्ड स्तर पर प्रभावी कार्रवाई से शहर की बुनियादी व्यवस्थाओं में सुधार लाया जा सकता है।
वार्डवार रिपोर्ट सार्वजनिक करने की उठी मांग
सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों ने नगर निगम से मांग की है कि प्रत्येक वार्ड में प्राप्त शिकायतों, उनके निस्तारण और लंबित मामलों का विवरण सार्वजनिक पोर्टल पर नियमित रूप से जारी किया जाए। उनका कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को यह जानकारी मिल सकेगी कि किन क्षेत्रों में सबसे अधिक समस्याएं हैं। साथ ही उन्होंने शिकायतों के निस्तारण की स्पष्ट समयसीमा तय करने और सफाई, सीवर तथा स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने की भी मांग की है।














































