राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: किन 9 कर्मचारियों ने खरीदीं महंगी कारें और मोबाइल? SIT ने खंगाले रिकॉर्ड

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की राशि में कथित अनियमितता और चोरी के आरोपों की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने लगातार दो दिनों तक मंदिर परिसर में रहकर विस्तृत जांच की। पहले दिन टीम ने करीब आठ घंटे और दूसरे दिन लगभग 11 घंटे तक विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। जांच अधिकारियों ने दानपात्र से राशि निकालने, नोटों की गड्डियां तैयार करने और उनकी गिनती की पूरी प्रक्रिया को बारीकी से समझा और सुरक्षा इंतजामों का भी मूल्यांकन किया।

सीसीटीवी फुटेज और पूर्व कर्मचारियों की भूमिका पर फोकस

जांच के दौरान एसआईटी ने चढ़ावा कक्ष से जुड़े सीसीटीवी रिकॉर्ड को सुरक्षित करते हुए करीब एक दर्जन पेनड्राइव में डेटा एकत्र किया है। अब टीम पुराने कर्मचारियों से संबंधित रिकॉर्ड खंगालने के साथ उनसे पूछताछ की तैयारी कर रही है। इसके अलावा, चढ़ावे की राशि के प्रबंधन में शामिल बैंकिंग प्रक्रिया को लेकर स्टेट बैंक के कर्मचारियों से भी विस्तृत जानकारी जुटाई गई है।

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महंगी खरीदारी करने वाले नौ कर्मचारी जांच के घेरे में

प्रारंभिक जांच में ऐसे नौ कर्मचारियों की पहचान की गई है, जिन्होंने हाल के दिनों में महंगे मोबाइल फोन और वाहन खरीदे हैं। इन खर्चों के स्रोत को लेकर जांच एजेंसियों ने संदेह जताया है और उनके वित्तीय लेनदेन की पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इन तथ्यों के आधार पर आगे की जांच की दिशा तय की जाएगी।

मुख्य चर्चित नाम टिन्नू यादव ने दी सफाई

मामले में सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा चर्चा में रहे रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव पहली बार कैमरे के सामने आए और अपने ऊपर लगे आरोपों का खंडन किया। 51 वर्षीय टिन्नू यादव ने बताया कि वह वर्ष 1993 से विश्व हिंदू परिषद और राम जन्मभूमि न्यास से जुड़े रहे हैं तथा लंबे समय से सेवा कार्य कर रहे हैं। उनके अनुसार, वर्ष 2019 में सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बाद उन्हें कारसेवापुरम से मंदिर परिसर में सेवा के लिए नियुक्त किया गया था।

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संपत्ति और चोरी के आरोपों को बताया बेबुनियाद

टिन्नू यादव ने सोशल मीडिया पर प्रसारित चोरी और कथित 50 करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े दावों को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ फैलाए जा रहे आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं हैं और जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी। वहीं, एसआईटी अपनी जांच को आगे बढ़ाते हुए सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल कर रही है।

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