4 साल का इंतजार खत्म! राजीव कृष्ण बनेंगे UP के परमानेंट DGP, आदेश जल्द होगा जारी

UP: उत्तर प्रदेश को करीब चार वर्षों के लंबे इंतजार के बाद जल्द ही स्थाई पुलिस महानिदेशक (DGP) मिलने वाला है। सूत्रों के अनुसार वर्तमान कार्यवाहक डीजीपी राजीव कृष्ण को ही प्रदेश का नया स्थाई डीजीपी नियुक्त किया जा सकता है। राज्य सरकार जल्द ही इस संबंध में औपचारिक आदेश जारी कर सकती है। यदि नियुक्ति होती है तो वह नियमानुसार कम से कम दो वर्षों तक इस पद पर बने रहेंगे।

यूपीएससी पैनल में हुआ चयन

स्थाई डीजीपी की नियुक्ति प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने 19 वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजे थे। 26 मई को नई दिल्ली में आयोजित आयोग की उच्चस्तरीय बैठक में तीन अधिकारियों के नामों का पैनल तैयार किया गया। इसमें राजीव कृष्ण के अलावा रेणुका मिश्रा और पीयूष आनंद को शामिल किया गया। आयोग द्वारा यह पैनल राज्य सरकार को भेजे जाने के बाद अंतिम निर्णय का रास्ता साफ हो गया है।

Also Read: सड़क हादसों में 450 मौतें कम, डीजीपी राजीव कृष्ण ने लॉन्च की नई ट्रैफिक स्कीम, 20 शहरों में लागू होगी योजना

1991 बैच के अनुभवी आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण 

राजीव कृष्ण 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उनका जन्म 26 जून 1969 को हुआ था और वे मूल रूप से नोएडा के रहने वाले हैं। प्रशासनिक सेवा से जुड़े परिवार से आने वाले राजीव कृष्ण के परिवार में कई अधिकारी हैं। उनकी पत्नी भारतीय राजस्व सेवा (IRS) की अधिकारी हैं और वर्तमान में नोएडा में सीबीडीटी में डिप्टी सेक्रेटरी के पद पर कार्यरत हैं।

कई जिलों और महत्वपूर्ण पदों का अनुभव

आईपीएस बनने के बाद उनकी पहली नियुक्ति प्रशिक्षु अधिकारी के रूप में प्रयागराज में हुई थी। इसके बाद उन्होंने बरेली, कानपुर और अलीगढ़ में एएसपी के रूप में सेवाएं दीं। वर्ष 1997 में उन्हें पहली बार फिरोजाबाद जिले का पुलिस अधीक्षक बनाया गया। बाद के वर्षों में उन्होंने इटावा, मथुरा, फतेहगढ़, बुलंदशहर, गौतमबुद्धनगर, आगरा, लखनऊ और बरेली जैसे महत्वपूर्ण जिलों में एसएसपी की जिम्मेदारी संभाली।

Also Read:डीजीपी राजीव कृष्ण का सख्त निर्देश: केवल परिवाद वाले मामलों में एफआईआर दर्ज करना गलत, हाईकोर्ट की टिप्पणी के बाद सभी पुलिस अधिकारियों को चेतावनी

केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लेकर कार्यवाहक डीजीपी तक का सफर

राजीव कृष्ण ने मेरठ रेंज के आईजी के रूप में भी काम किया और वर्ष 2012 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर चले गए। 2017 में उत्तर प्रदेश लौटने के बाद उनकी तैनाती पुलिस अकादमी मुरादाबाद में की गई। इसके बाद उन्हें लखनऊ जोन और आगरा जोन में एडीजी के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। प्रशासनिक और पुलिसिंग अनुभव के आधार पर उन्हें 1 जून 2025 को कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया था और अब उनके स्थाई डीजीपी बनने की संभावना सबसे अधिक मानी जा रही है।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.)