‘शौचालय में छिपाते थे लाखों की नकदी…’, राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड में बड़ा खुलासा

राम मंदिर चढ़ावा चोरी कांड: अयोध्या के राम मंदिर में दान राशि में कथित हेराफेरी के मामले में जांच हर दिन नए मोड़ ले रही है। मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला से करीब दो घंटे चली पूछताछ के बाद पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं। जांच में सामने आया है कि दान की नकदी को सीधे बाहर ले जाने के बजाय पहले मंदिर परिसर के शौचालय में छिपाया जाता था। बाद में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखते हुए इस रकम को छोटी-छोटी किश्तों में बाहर निकाला जाता था, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम को दोबारा तैयार कर यह समझने की कोशिश कर रही है कि चोरी की रकम किस तरह परिसर से बाहर पहुंचाई जाती थी।

सीसीटीवी से बचने के लिए बनाई गई थी खास रणनीति

जांच एजेंसियों के मुताबिक, इस पूरे नेटवर्क ने दान-गणना केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था का पहले से गहन अध्ययन किया था। कैमरों की लोकेशन, कर्मचारियों की आवाजाही और काउंटिंग रूम की कार्यप्रणाली को समझने के बाद चोरी की योजना बनाई गई। आरोप है कि जब एक व्यक्ति नकदी निकालता था, तब अन्य आरोपी उसके चारों ओर खड़े होकर कैमरों का दृश्य बाधित कर देते थे। इस तरीके से सीसीटीवी की नजर से बचते हुए रकम को परिसर के भीतर सुरक्षित स्थान पर छिपाया जाता था। अब पुलिस सफाई और रखरखाव से जुड़े कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उन्हें किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी थी या नहीं।

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काउंटिंग रूम की चाबी और संपत्तियों में निवेश की जांच

पूछताछ के दौरान अविनाश शुक्ला ने यह भी दावा किया कि दान-गणना कक्ष की दो चाबियों में से एक सह-आरोपी रमाशंकर यादव उर्फ तिन्नू के पास रहती थी, जबकि उसका आधिकारिक तौर पर नकदी गिनने के काम से कोई संबंध नहीं था। दूसरी चाबी बैंक अधिकारियों के पास रहती थी। पुलिस अब इस दावे की पुष्टि करने के साथ यह भी जांच रही है कि कहीं चाबी तक पहुंच का इस्तेमाल अनधिकृत प्रवेश के लिए तो नहीं किया गया। इसके साथ ही जांच एजेंसियां आरोपियों की वित्तीय गतिविधियों की भी पड़ताल कर रही हैं। जमीन, हॉस्टल और अन्य अचल संपत्तियों में कथित निवेश की जांच करते हुए बैंक खातों और संपत्ति के दस्तावेजों का विश्लेषण किया जा रहा है।

करीब 80 लाख रुपये नकद और विदेशी मुद्रा बरामद

अब तक की कार्रवाई में पुलिस लगभग 79.85 लाख रुपये नकद, 1,121 अमेरिकी डॉलर और सोने-चांदी के आभूषण बरामद कर चुकी है। सबसे अधिक बरामदगी मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला के पास से हुई, जहां से 20 लाख रुपये से अधिक नकदी के अलावा विदेशी मुद्रा और आभूषण मिले। अन्य आरोपियों के घरों से भी लाखों रुपये नकद बरामद किए गए हैं। बुधवार को पुलिस ने आरोपी लव कुश मिश्रा के गांव स्थित घर पर व्यापक तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान घर के अलावा भूसे के ढेर और उपलों तक की तलाशी ली गई। मामले में अब तक सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है और उनसे जुड़े हर संभावित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।

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15 जुलाई तक एसआईटी सौंपेगी अंतिम रिपोर्ट

मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने विशेष जांच टीम (SIT) को अपनी जांच पूरी करने के लिए 15 जुलाई 2026 तक का समय दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी के अनुरोध को मंजूरी देते हुए तय समय सीमा के भीतर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर गठित इस उच्च स्तरीय एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर ही 25 जून को एफआईआर दर्ज की गई थी, जिसके बाद आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। फिलहाल पुलिस फॉरेंसिक जांच, वित्तीय लेन-देन और अन्य साक्ष्यों के जरिए पूरे षड्यंत्र की कड़ियों को जोड़ने में जुटी हुई है।

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