चंदौली के पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर (मुगलसराय), साहूपुरी मुख्य मार्ग स्थित चौरहट गांव के तिराहे पर लगाए गए स्वागत द्वार (फ्लैश बोर्ड) को लेकर विवाद सामने आया है। इस मामले में बहुजन बोधी समाज संघर्ष समिति (BBS3) और स्थानीय लोगों ने लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को ज्ञापन सौंपकर विरोध दर्ज कराया है।
समिति के पदाधिकारियों और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि विधायक निधि से विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न महापुरुषों और संतों के सम्मान में फोटोयुक्त फ्लैश बोर्ड गेट लगाए जा रहे हैं। इसी क्रम में 11 मई 2026 को चौरहट तिराहे पर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के नाम और चित्र वाला फ्लैश बोर्ड लगाया गया था।
आरोप है कि 19 मई को उक्त बोर्ड को हटाकर उसी स्थान पर सरदार वल्लभभाई पटेल के नाम का फ्लैश बोर्ड स्थापित कर दिया गया। इसे लेकर गुरु रविदास में आस्था रखने वाले लोगों ने नाराजगी जताते हुए इसे भावनाओं से जुड़ा विषय बताया है।
अलीनगर क्षेत्र की काशी विश्वनाथ कॉलोनी निवासी डॉ. रवि कुमार ने बताया कि वे सरदार वल्लभभाई पटेल का सम्मान करते हैं, लेकिन पहले से लगे गुरु रविदास जी के स्वागत द्वार को हटाए जाने से अनुयायियों में असंतोष और आक्रोश की स्थिति बनी है।
उन्होंने बताया कि इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों से वार्ता के दौरान उन्हें बताया गया कि यह बदलाव कथित तौर पर ठेकेदार की गलती के कारण हुआ और बाद में बोर्ड हटा दिया गया। हालांकि उन्होंने सवाल उठाया कि यदि स्थान तय नहीं था तो पहले वहां बोर्ड क्यों लगाया गया और फिर हटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी।
बहुजन बोधी समाज संघर्ष समिति की ओर से अधीक्षण अभियंता, लोक निर्माण विभाग, मुगलसराय तथा विधायक और उपजिलाधिकारी को पत्र देकर मांग की गई है कि जहां पहले गुरु रविदास जी का स्वागत द्वार लगाया गया था, उसी स्थान पर उसे पुनः स्थापित कराया जाए, ताकि सामाजिक सौहार्द और शांति बनी रहे। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।














































