लखनऊ : लखनऊ विश्वविद्यालय में ड्रेस कोड लागू किए जाने के विरोध में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। भवन चौराहे पर जमा छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और सड़क जाम कर दिया।
ड्रेस कोड के विरोध में छात्रों का प्रदर्शन
लखनऊ विश्वविद्यालय में नया ड्रेस कोड लागू होने के फैसले के विरुद्ध छात्रों ने भवन चौराहे पर प्रदर्शन किया। छात्रों ने “विश्वविद्यालय प्रशासन मुर्दाबाद” के नारे लगाते हुए प्रशासन पर छात्रों की स्वतंत्रता छीनने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने ड्रेस कोड को व्यक्तिगत स्वतंत्रता पर हमला बताया।
सड़क पर लेटे छात्र, पुलिस ने हटाया
प्रदर्शन के दौरान कई छात्र सड़क पर लेट गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पुलिस ने छात्रों को हटाकर यातायात बहाल किया। प्रदर्शनकारी छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर नियमों के नाम पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया।
राज्यपाल पर लगाया आरोप
छात्रों ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल पर भी गलत तरीके से नियम थोपने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ड्रेस कोड की नीति छात्रों की सुविधा और संस्कृति को ध्यान में रखे बिना लागू की जा रही है।
राज्यपाल को सौंपा ज्ञापन
प्रदर्शन के बाद छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को ज्ञापन सौंपने पहुंचा। ज्ञापन में ड्रेस कोड वापस लेने की मांग की गई। छात्रों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
छात्रों की मुख्य मांगें
– ड्रेस कोड तुरंत वापस लिया जाए
– छात्र-छात्राओं की व्यक्तिगत स्वतंत्रता का सम्मान किया जाए
– विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों से संवाद स्थापित करे
प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। छात्र संगठनों ने इसे “छात्र विरोधी नीति” करार दिया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और छात्र आंदोलन जारी रखने की तैयारी में हैं। यह प्रदर्शन लखनऊ विश्वविद्यालय में ड्रेस कोड को लेकर बढ़ते असंतोष को साफ तौर पर उजागर करता है।











































