बस्ती में आबादी इलाके में धड़ल्ले से चल रहा हॉट मिक्स प्लांट, प्रदूषण से जनजीवन बेहाल; प्रशासन-प्रदूषण विभाग पर उठे सवाल

बस्ती : बस्ती जिले में प्रशासन की अनदेखी आम जनमानस के लिए मुसीबत बन गई है। बस्ती-बांसी मार्ग स्थित पड़िया चौराहे के आबादी इलाके में हॉट मिक्स प्लांट संचालित हो रहा है, जिससे निकलने वाले घने धुएं और धूल ने स्थानीय लोगों का जीवन दूभर कर दिया है।

गिट्टी-बिटुमेन का धुआं और धूल, सांस लेना भी मुश्किल

स्थानीय लोगों के अनुसार, प्लांट से लगातार निकल रहे गिट्टी के पार्टिकल्स और बिटुमेन के धुएं ने पूरे इलाके को प्रदूषित कर रखा है। सुबह से शाम तक धूल का गुबार छाया रहता है। नेशनल हाईवे पर वाहन चलाना भी खतरनाक हो गया है। लोग आंखों में जलन, सांस की तकलीफ और खांसी की शिकायत कर रहे हैं।

फसलों और पेड़ों को भारी नुकसान

किसानों का कहना है कि प्लांट से निकलने वाली धूल और रसायनिक धुआं उनकी खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। आम, सागौन समेत अन्य फलदार और छायादार पेड़ भी प्रभावित हो रहे हैं। पत्तियां झुलस रही हैं और फलों की गुणवत्ता खराब हो रही है।

Also Read : गोरखपुर में छुट्टी के दिन भी अफसर सक्रिय: डीएम-एसएसपी ने सुनीं जन शिकायतें, मौके पर दिए निस्तारण के निर्देश

प्रदूषण विभाग पर सवाल, आबादी में प्लांट को कैसे मिली NOC?

स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि आबादी वाले क्षेत्र में हॉट मिक्स प्लांट लगाने के लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने NOC कैसे दे दिया। उन्होंने कहा कि नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। प्लांट गोरखपुर जनपद के एक ठेकेदार द्वारा संचालित बताया जा रहा है।

लोगों में बढ़ा आक्रोश, डीएम कार्यालय घेराव की चेतावनी

पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने कई बार स्थानीय प्रशासन को शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब लोग अपनी समस्याओं को लेकर डीएम कार्यालय का घेराव करने की तैयारी कर रहे हैं।

स्थानीय निवासियों ने मांग की है कि:
– तुरंत प्लांट का संचालन बंद किया जाए
– प्रदूषण विभाग द्वारा दी गई NOC की जांच हो
– प्रभावित लोगों को मुआवजा दिया जाए

प्रशासन इस गंभीर प्रदूषण समस्या पर अभी तक चुप्पी साधे हुए है। स्थानीय लोग अब उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप की उम्मीद कर रहे हैं, ताकि उनके स्वास्थ्य और आजीविका को हो रहे नुकसान को रोका जा सके।

यह मामला बस्ती जिले में औद्योगिक इकाइयों की अनियंत्रित स्थापना और प्रशासनिक लापरवाही का एक जीता-जागता उदाहरण बन गया है।

(देश और दुनिया की खबरों के लिए हमें फेसबुक पर ज्वॉइन करें, आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं)