मऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ जनपद के कार्यक्रम में 2005 के दंगों का जिक्र करते हुए कहा कि अब माफिया खुली जीप से पिस्तौल लहराकर किसी हिंदू को धमका नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि 21 वर्ष पहले मऊ की स्थिति पूरी तरह अलग थी, लेकिन अब कानून का राज है।
CM योगी का मऊ में तीखा भाषण
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “आज कोई माफिया पिस्तौल लहराकर, खुली जीप से चलकर किसी हिंदू को धमका नहीं सकता है… अब नहीं धमका सकता।”
उन्होंने मऊवासियों को संबोधित करते हुए कहा कि 30-35 वर्ष से अधिक उम्र के लोग 2005 को भूले नहीं होंगे, जब मऊ को जलाने का कुत्सित प्रयास किया गया था।
2005 के मऊ दंगे का जिक्र
CM योगी ने कहा कि 2005 में सत्ता के संरक्षण में माफिया रामलीला जैसे आस्था के उत्सव में व्यवधान डालकर निर्दोष हिंदुओं का कत्लेआम कर रहे थे। तब की सरकार उन माफियाओं के सामने नतमस्तक थी। पूरा माहौल अराजकता और दंगे-कर्फ्यू से ग्रस्त था।
महिलाओं-व्यापारियों की दयनीय स्थिति
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस समय:
– बेटियां स्कूल नहीं जा पाती थीं, शोहदे उन्हें परेशान करते और अपहरण कर ले जाते थे।
– व्यापारियों को सूर्यास्त से पहले ही दुकान बंद करनी पड़ती थी।
– अगर कोई परिवार का सदस्य सूर्यास्त तक घर नहीं पहुंचता तो पूरे परिवार में चिंता छा जाती थी।
विकास और अराजकता का अंत
CM योगी ने कहा कि उस वक्त विकास के कार्य नहीं होते थे, गरीबों को कोई सुविधा नहीं मिलती थी, लेकिन किसी धार्मिक आयोजन — रामलीला, रामनवमी, जन्माष्टमी, शिवरात्रि या यज्ञ — को करने नहीं दिया जाता था।
उन्होंने कहा कि उस अराजकतापूर्ण माहौल में युवाओं के सामने पहचान का संकट खड़ा हो गया था। लेकिन अब योगी सरकार में माफिया और अपराधियों का सूरज ढल गया है।














































