9.50 करोड़ की मंडी रोड पर भ्रष्टाचार का बवाल : मानक से कम मिली सड़क की मोटाई, PWD ने रुकवाया निर्माण कार्य

फर्रुखाबाद। शहर की बहुप्रतीक्षित और लगभग 9.50 करोड़ रुपये की लागत से बन रही मंडी रोड निर्माण परियोजना पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आईटीआई चौराहे से सेंट्रल जेल चौराहे तक सड़क चौड़ीकरण और निर्माण कार्य में कथित धांधली का मामला सामने आने के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) को निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से रुकवाना पड़ा। स्थानीय नागरिकों के विरोध और मौके पर हुई जांच में सड़क की मोटाई निर्धारित मानकों से कम पाए जाने पर विभागीय अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया।

सोमवार शाम सड़क निर्माण में गड़बड़ी की सूचना मिलने पर फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा स्थानीय लोगों के साथ निर्माण स्थल पर पहुंचे। उन्होंने सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए कार्य का विरोध किया और मौके पर ही काम बंद करा दिया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया।

अधिकारियों की मौजूदगी में खुली गुणवत्ता की पोल

मामले की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी के सहायक अभियंता विनोद राजपूत, सहायक अभियंता चंद्रपाल, कनिष्ठ अभियंता सोहेल खान और हरीश कुमार मौके पर पहुंचे। अधिकारियों की निगरानी में सड़क की मोटाई की माप कराई गई तो स्थिति चौंकाने वाली निकली।

निर्धारित मानकों के अनुसार सड़क की सीसी मोटाई 25 सेंटीमीटर होनी चाहिए थी, लेकिन मौके पर यह केवल 16 से 18 सेंटीमीटर पाई गई। स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि कुछ हिस्सों में मोटाई 10 से 12 सेंटीमीटर तक ही रखी गई है। इस खुलासे के बाद लोगों का आक्रोश और बढ़ गया।

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बेस निर्माण पर भी उठे सवाल

स्थानीय निवासियों ने केवल सीसी की मोटाई ही नहीं बल्कि सड़क के बेस निर्माण को भी घटिया बताया। लोगों का कहना है कि बिना आवश्यकता पत्थर डालकर मिट्टी की ब्लाइंडिंग की गई है, जिससे सड़क की मजबूती प्रभावित होगी। नागरिकों का आरोप है कि यदि इसी गुणवत्ता से निर्माण कार्य जारी रहा तो सड़क कुछ ही महीनों में टूट जाएगी।

लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि टेंडर की शर्तों के अनुसार निर्माण स्थल पर प्लांट स्थापित किया जाना था, लेकिन ठेकेदार द्वारा ऐसा नहीं किया गया। पूरा काम मशीनों और वाहनों के सहारे किया जा रहा था, जो टेंडर नियमों का उल्लंघन है।

ठेकेदार और नागरिकों के बीच हुई तीखी नोकझोंक

विरोध के दौरान माहौल काफी गरमा गया। ठेकेदार पक्ष के कर्मचारियों और स्थानीय लोगों के बीच तीखी बहस हुई, जो बाद में धक्का-मुक्की तक पहुंच गई। हालांकि मौके पर मौजूद पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों को शांत कराया।

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‘करोड़ों की सड़क में हो रहा बड़ा खेल’

फर्रुखाबाद विकास मंच के जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा ने विभागीय अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार सड़कों के निर्माण पर करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन धरातल पर गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेस लेयर से लेकर सीसी निर्माण तक हर स्तर पर गड़बड़ी दिखाई दे रही है और विभागीय अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े करती है।

जांच पूरी होने तक बंद रहेगा निर्माण कार्य

मंडी रोड शहर की प्रमुख सड़कों में शामिल है, जहां से प्रतिदिन भारी मालवाहक वाहनों का आवागमन होता है। ऐसे में सड़क की गुणवत्ता और मजबूती बेहद महत्वपूर्ण है। पीडब्ल्यूडी अधिकारियों ने बताया कि पूरे निर्माण कार्य की विस्तृत जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट आने तक सड़क निर्माण पूरी तरह बंद रहेगा और यदि अनियमितताएं साबित होती हैं तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

हाइलाइट

9.50 करोड़ रुपये की लागत से बन रही है मंडी रोड।

25 सेमी के बजाय 16-18 सेमी मिली सड़क की मोटाई।

स्थानीय लोगों के विरोध के बाद PWD ने रुकवाया काम।

टेंडर शर्तों के उल्लंघन और घटिया निर्माण के आरोप।

जांच पूरी होने तक निर्माण कार्य पर लगी रोक।

भारी वाहनों के आवागमन वाली सड़क की गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल।

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