पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में जारी अशांति और विरोध प्रदर्शनों को लेकर भारत ने पाकिस्तान पर तीखा हमला बोला है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान लगातार फर्जी खबरों और वीडियो के जरिए वास्तविक स्थिति से ध्यान हटाने की कोशिश कर रहा है। उनके अनुसार, यह पाकिस्तान की आंतरिक विफलताओं और मानवाधिकार उल्लंघनों को छिपाने का प्रयास है।
मानवाधिकार उल्लंघन पर उठाए सवाल
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पीओके से पुलिस और सुरक्षा बलों की कथित बर्बरता की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने दावा किया कि कार्रवाई के दौरान कई लोगों की जान गई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। भारत ने उम्मीद जताई कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय पाकिस्तान को मानवाधिकारों के हनन के मामलों में जवाबदेह ठहराएगा।
प्रतिबंध के बाद भड़की हिंसा
रिपोर्टों के मुताबिक, ज्वाइंट आवामी एक्शन कमेटी (JAAC) पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। आर्थिक और राजनीतिक मुद्दों को लेकर लंबे समय से आवाज उठा रहे इस नागरिक संगठन के समर्थकों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में 30 से अधिक लोगों की मौत और करीब 200 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
अस्पताल के बाहर जुटे थे प्रदर्शनकारी
स्थानीय पुलिस के अनुसार, JAAC के एक सदस्य की मौत पुलिस फायरिंग में होने के बाद उसका शव अस्पताल की मोर्चरी में लाया गया था। इसी दौरान बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी अस्पताल परिसर के बाहर इकट्ठा हुए और मृतक के लिए न्याय की मांग करने लगे, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो गया।
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पुलिस का दावा, प्रदर्शनकारियों ने किया हमला
पाकिस्तानी पुलिस का कहना है कि जब सुरक्षा बलों ने भीड़ को हटाने का प्रयास किया तो कुछ प्रदर्शनकारियों ने जवाबी हमला किया। पुलिस के मुताबिक, हमलावरों ने ऑटोमैटिक राइफलों, पेट्रोल बमों और अन्य हथियारों का इस्तेमाल किया, जिसके बाद हालात हिंसक रूप ले गए। हालांकि, घटनाओं को लेकर दोनों पक्षों के दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
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