नामांकन में लापरवाही पर डीएम सख्त, दो खंड शिक्षा अधिकारियों पर कार्रवाई के निर्देश 35,800 लक्ष्य के सापेक्ष केवल 25,421 नामांकन होने पर जताई नाराजगी

फर्रुखाबाद : जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बेसिक शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में स्कूल चलो अभियान की धीमी प्रगति पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में उन्होंने स्पष्ट कहा कि शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

समीक्षा के दौरान सामने आया कि स्कूल चलो अभियान के तहत जिले में 35,800 बच्चों के नामांकन का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जबकि अब तक केवल 25,421 बच्चों का ही नामांकन हो सका है। इस पर जिलाधिकारी ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को विशेष अभियान चलाकर नामांकन बढ़ाने के निर्देश दिए।

मोहम्मदाबाद क्षेत्र में नामांकन की बेहद खराब स्थिति पर जिलाधिकारी ने संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध प्रतिकूल प्रविष्टि दर्ज किए जाने के निर्देश दिए। वहीं कम्पिल नगर क्षेत्र में अपेक्षाकृत कम नामांकन होने पर संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी को मुख्यालय से संबद्ध किए जाने के निर्देश जारी किए गए।

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डीएम ने ऐसे विद्यालयों की सूची तत्काल उपलब्ध कराने को कहा, जहां 10 से कम छात्रों का नामांकन हुआ है। उन्होंने इन विद्यालयों की स्थिति के लिए जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।
बैठक में समावेशी शिक्षा की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पेशल एजुकेटरों द्वारा मई माह में दिव्यांग बच्चों के घर-घर जाकर किए गए भ्रमण की विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों तक शिक्षा और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता में होना चाहिए।

उन्होंने सभी विद्यालयों में विशेष शिविर लगाकर फैमिली आईडी बनवाने की प्रक्रिया तेज करने के निर्देश दिए, ताकि पात्र परिवारों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ आसानी से मिल सके।

दिव्यांग बच्चों की सुविधाओं को लेकर भी जिलाधिकारी ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक सहायक उपकरण उपलब्ध कराने तथा जिन विद्यालयों में दिव्यांग बच्चों के लिए सुलभ शौचालय नहीं हैं, वहां शीघ्र निर्माण कार्य कराने के निर्देश दिए।

इसके अलावा डीएम ने सभी विद्यालयों में खेल सामग्री एवं खेल उपकरण उपलब्ध कराने पर जोर देते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ खेल गतिविधियां भी बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बेहद आवश्यक हैं। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक डीआरडीए, जिला पूर्ति अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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