फतेहपुर/बकेवर : बकेवर थाना क्षेत्र में 23 दिन से लापता युवक विजय निषाद की गुमशुदगी का मामला आखिरकार एक सनसनीखेज हत्या में बदल गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रेम-प्रसंग से उपजे विवाद के चलते युवक की हत्या कर दी गई और सबूत मिटाने के लिए उसके शव को जलाने तक की कोशिश की गई।
जानकारी के अनुसार, 8 मई को घर से निकले विजय निषाद के वापस न लौटने पर परिजनों ने 11 मई को गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शुरुआती जांच में मामला सामान्य लग रहा था, लेकिन मोबाइल कॉल डिटेल और लोकेशन ट्रैकिंग ने पूरे घटनाक्रम की परतें खोल दीं।
पुलिस जांच में सामने आया कि हमीरपुर निवासी एक दंपति से विजय निषाद के लंबे समय से प्रेम संबंध थे। महिला के पति के बाहर रहने के दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं, लेकिन बाद में स्थिति बदलने पर विवाद गहरा गया। इसके बाद दंपति ने कथित रूप से विजय को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, 8 मई को विजय को घर बुलाया गया, जहां पहले से बनाई गई योजना के तहत उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव और मोबाइल को कानपुर क्षेत्र के जंगल में ले जाकर जलाया गया, ताकि पहचान और सबूत पूरी तरह खत्म किए जा सकें। वहीं, पुलिस को गुमराह करने के लिए उसकी मोटरसाइकिल अलग स्थान पर छोड़ दी गई।
जांच के दौरान पुलिस को जंगल से जले हुए मानव अवशेष, कपड़े और जूते मिले, जिनकी पहचान परिजनों ने विजय निषाद के रूप में की है। हालांकि, इसकी पुष्टि के लिए डीएनए परीक्षण कराया जा रहा है।
मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया कि आरोपियों के मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में हत्या, सजा और कानूनी परिणामों से जुड़ी जानकारियां इंटरनेट और यूट्यूब पर सर्च किए जाने के संकेत मिले हैं। इससे पुलिस को शक है कि वारदात की योजना पहले से बनाई गई थी।
पुलिस का कहना है कि कॉल डिटेल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, बरामद साक्ष्य और डिजिटल डेटा ने मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई है। अब डीएनए रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई को मजबूत किया जाएगा।













































