लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने वरिष्ठ IAS अधिकारी अर्चना अग्रवाल को राजस्व परिषद का नया अध्यक्ष नियुक्त किया है। नई जिम्मेदारी मिलने के साथ ही वे परिवहन विभाग की अपर मुख्य सचिव (APSM) पद पर भी बनी रहेंगी। यह बदलाव शासन स्तर पर अहम प्रशासनिक फेरबदल के रूप में देखा जा रहा है।
योगी आदित्यनाथ सरकार ने राजस्व परिषद की कमान 1990 बैच की वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल को सौंप दी है। राजस्व परिषद प्रदेश की भूमि, राजस्व रिकॉर्ड और अपील संबंधी मामलों की सबसे महत्वपूर्ण संस्था मानी जाती है। यहां बड़े-बड़े राजस्व विवादों, भूमि अपीलों और नीतिगत मामलों का निपटारा होता है।
अर्चना अग्रवाल को यह जिम्मेदारी अतिरिक्त प्रभार के रूप में दी गई है। वे पहले की तरह परिवहन विभाग की अपर मुख्य सचिव भी बनी रहेंगी। इस तरह अब उनके पास दो अत्यंत महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी होगी।
अर्चना अग्रवाल का प्रशासनिक सफर
1990 बैच की आईएएस अधिकारी अर्चना अग्रवाल अपनी कुशल प्रशासनिक क्षमता, सख्त निर्णय लेने की शैली और लंबे अनुभव के लिए जानी जाती हैं। उन्होंने अपने करियर में कई महत्वपूर्ण विभागों में काम किया है। परिवहन विभाग और उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) की जिम्मेदारी संभालते हुए उन्होंने बस सेवाओं, बस स्टेशनों के आधुनिकीकरण और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
सरकार का भरोसा
उन्हें परिवहन विभाग के साथ-साथ राजस्व परिषद जैसी संवेदनशील और शक्तिशाली संस्था की जिम्मेदारी सौंपना शासन के उनके प्रति पूर्ण विश्वास को दर्शाता है। राजस्व परिषद में लंबित हजारों अपीलों और भूमि संबंधी जटिल मामलों को निपटाने में उनकी कुशलता और निष्पक्षता पर भरोसा जताया जा रहा है।
Also Read : UP के नए DGP राजीव कृष्ण : प्रशासनिक और पुलिस सेवा से जुड़ा है पूरा परिवार
उम्मीदें
अर्चना अग्रवाल के नेतृत्व में राजस्व परिषद में पारदर्शिता बढ़ने, लंबित मामलों के तेज निस्तारण और आमजन को राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही परिवहन विभाग में भी बस सेवाओं को और अधिक सुविधाजनक, समयबद्ध एवं जनोन्मुखी बनाने पर जोर दिया जाएगा।
यह नियुक्ति उत्तर प्रदेश प्रशासन में महिला अधिकारियों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपने की दिशा में भी एक सकारात्मक कदम मानी जा रही है।














































