22 भर्ती परीक्षाओं में आरक्षण अनियमितता का आरोप, सपा ने भाजपा सरकार पर बोला हमला

फर्रुखाबाद : उत्तर प्रदेश में भर्ती प्रक्रियाओं और आरक्षण व्यवस्था को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। समाजवादी पार्टी ने प्रदेश की भाजपा सरकार पर आरक्षण नियमों की अनदेखी करने और लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। सोमवार को आवास विकास स्थित समाजवादी पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में पार्टी नेताओं ने सरकार की भर्ती नीतियों को लेकर गंभीर सवाल उठाए और व्यापक आंदोलन की चेतावनी दी।

प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए सपा जिलाध्यक्ष चंद्रपाल सिंह यादव ने कहा कि वर्ष 2019 की चर्चित 69 हजार शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों का पालन नहीं किया गया, जिससे हजारों पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग के अभ्यर्थियों को नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि केवल शिक्षक भर्ती ही नहीं, बल्कि प्रदेश की कुल 22 भर्ती परीक्षाओं में लगभग 11,514 पदों पर आरक्षण व्यवस्था की अनदेखी की गई है।

उन्होंने कहा कि संविधान द्वारा प्रदत्त आरक्षण व्यवस्था सामाजिक न्याय का महत्वपूर्ण आधार है और इसे कमजोर करने का प्रयास संविधान की मूल भावना के विपरीत है। सपा जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार लगातार आरक्षण के अधिकारों को प्रभावित कर रही है, जिससे PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) समाज के युवाओं में भारी नाराजगी है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाएगी और जरूरत पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।

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पूर्व लोकसभा प्रत्याशी डॉ. नवल किशोर शाक्य ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश और देश के लाखों युवा कठिन मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रियाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का भरोसा तोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान का उद्देश्य समाज के कमजोर और वंचित वर्गों को आगे बढ़ाने का था, लेकिन वर्तमान व्यवस्था उस उद्देश्य को कमजोर कर रही है।

डॉ. शाक्य ने कहा कि सरकार को भर्ती प्रक्रियाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए और आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाना चाहिए, ताकि किसी भी वर्ग के साथ अन्याय न हो और युवाओं का विश्वास बहाल हो सके।

प्रेस वार्ता के दौरान पार्टी नेताओं ने एक स्वर में कहा कि यदि आरक्षण से जुड़े मामलों में न्याय नहीं मिला तो प्रदेशव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने युवाओं, छात्रों और सामाजिक न्याय के समर्थकों से इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील भी की।

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इस अवसर पर पूर्व विधायक प्रताप सिंह यादव, पूर्व विधायक अजीत कठेरिया, पूर्व मंत्री रामसेवक सिंह यादव, प्रदेश सचिव सर्वेश आंबेडकर, जिला महासचिव इलियास मंसूरी, वरिष्ठ नेता डॉ. जेपी वर्मा, जिला उपाध्यक्ष अजीत यादव, जिला प्रवक्ता राधेश्याम सविता, जिला सचिव बिजेंद्र सिंह यादव सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रेस वार्ता के माध्यम से समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि आगामी दिनों में भर्ती और आरक्षण के मुद्दे को लेकर प्रदेश की राजनीति और अधिक गर्मा सकती है। वहीं, युवाओं से जुड़े इस संवेदनशील विषय पर सरकार की प्रतिक्रिया का भी इंतजार किया जा रहा है।

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