ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स में दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति एवं चार शिक्षकों को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान

गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है कि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो पूनम टंडन एवं चार शिक्षकों को विश्व के प्रतिष्ठित ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स (GSI) में स्थान प्राप्त हुआ है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की बढ़ती शोध क्षमता, नवाचार एवं अकादमिक उत्कृष्टता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करती है।
सूची में विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन को शीर्ष 5 प्रतिशत वैज्ञानिकों में शामिल किया गया है। इसके अतिरिक्त प्रो. रविकांत उपाध्याय (प्राणी विज्ञान विभाग) तथा डॉ सर्वेश कुमार पांडेय (रसायन विज्ञान) के साथ ही कुलपति प्रो पूनम टंडन के कार्यकाल के नवनियुक्त शिक्षक डॉ. निर्मल प्रभाकर (जैव प्रौद्योगिकी विभाग) तथा डॉ. धर्मेंद्र कुमार यादव (रसायन विज्ञान विभाग) को भी उनके उत्कृष्ट शोध कार्य, शोध प्रभाव, अंतरराष्ट्रीय उद्धरण, उच्च गुणवत्ता वाले प्रकाशनों तथा शोधार्थियों के मार्गदर्शन के आधार पर इस प्रतिष्ठित सूची में स्थान मिला है।

ग्लोबल साइंटिफिक इंडेक्स द्वारा प्रदान की गई यह मान्यता विश्व स्तर पर वैज्ञानिकों के शोध योगदान, प्रकाशनों की गुणवत्ता, उद्धरण प्रभाव और अकादमिक नेतृत्व का मूल्यांकन करके दी जाती है। विश्वविद्यालय के शिक्षकों की यह उपलब्धि पूर्वांचल क्षेत्र में उच्च शिक्षा एवं शोध के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

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इस अवसर पर कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान पूरे विश्वविद्यालय परिवार के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शोध, नवाचार और अकादमिक उत्कृष्टता को निरंतर प्रोत्साहित किया जा रहा है। शिक्षकों की यह उपलब्धि विद्यार्थियों, शोधार्थियों तथा युवा शिक्षकों को उत्कृष्ट शोध कार्य के लिए प्रेरित करेगी।

कुलपति ने विश्वास व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय के शिक्षक एवं शोधार्थी भविष्य में भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेंगे तथा विश्वविद्यालय को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगे। यह उपलब्धि दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय एवं वैश्विक शोध प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करेगी।

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