यूपी में नए मंत्रियों को प्रभारी मंत्री बनाया गया, कई जिलों में हुआ बदलाव; सुरेश खन्ना को लखनऊ-वाराणसी की जिम्मेदारी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार ने नए मंत्रियों को विभिन्न जिलों का प्रभारी मंत्री बनाते हुए कई पुराने मंत्रियों के जिलों में भी बदलाव किया है। इस फैसले के तहत वरिष्ठ मंत्री सुरेश खन्ना को लखनऊ और वाराणसी जैसे महत्वपूर्ण जिलों की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अन्य मंत्रियों को भी रणनीतिक रूप से जिलों का प्रभार दिया गया है, जिससे प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और स्थानीय मुद्दों पर तेजी से काम करने की उम्मीद है।

नए प्रभारी मंत्रियों की सूची और जिम्मेदारियां

उत्तर प्रदेश सरकार के इस बड़े फेरबदल में कई नए और पुराने मंत्रियों को अलग-अलग जिलों का प्रभारी बनाया गया है। यह बदलाव विकास कार्यों की निगरानी, जन समस्याओं के समाधान और आगामी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के उद्देश्य से किया गया प्रतीत होता है।

लखनऊ और वाराणसी की कमान संभालेंगे सुरेश खन्ना

कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना को राजधानी लखनऊ के साथ-साथ वाराणसी का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने के कारण इस जिले की जिम्मेदारी अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खन्ना अब इन दोनों शहरों में विकास परियोजनाओं, कानून व्यवस्था और जन शिकायतों पर सीधा नजर रखेंगे।

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अयोध्या और बस्ती की जिम्मेदारी सौंपी गई

मंत्री सूर्य प्रताप शाही को अयोध्या और बस्ती जिले का प्रभारी बनाया गया है। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं, ऐसे में शाही की इस जिम्मेदारी से धार्मिक पर्यटन और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस बढ़ने की संभावना है।

प्रयागराज-गोरखपुर संभालेंगे स्वतंत्रदेव सिंह

स्वतंत्रदेव सिंह को प्रयागराज और गोरखपुर का प्रभारी मंत्री बनाया गया है। दोनों ही शहर उत्तर प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र हैं। कुम्भ मेला जैसे बड़े आयोजनों को देखते हुए प्रयागराज में इनकी निगरानी अहम होगी।

अन्य महत्वपूर्ण जिलों के नए प्रभारी मंत्री

– मनोज पांडेय : सीतापुर जिले के प्रभारी मंत्री बनाए गए।
– अजीत सिंह पाल : फतेहपुर जिले की जिम्मेदारी।
– कृष्णा पासवान : कौशांबी जिले की प्रभारी मंत्री बनीं।
– कैलाश सिंह राजपूत : एटा जिले के प्रभारी।

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पश्चिमी यूपी में बड़े बदलाव

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी कई अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। बेबी रानी मौर्य को इटावा और हाथरस का प्रभारी बनाया गया है। लक्ष्मी नारायण चौधरी अलीगढ़ और फिरोजाबाद के प्रभारी मंत्री होंगे। जयवीर सिंह को झांसी और फर्रुखाबाद सौंपा गया है।

धर्मपाल सिंह को गाजियाबाद और रामपुर, जबकि अनिल राजभर को आजमगढ़ और सिद्धार्थनगर का प्रभार मिला है। राकेश सचान रायबरेली और कन्नौज के प्रभारी मंत्री बनाए गए हैं।

पूर्वांचल और अवध क्षेत्र में नई जिम्मेदारियां

– एके शर्मा : जौनपुर और भदोही।
– भूपेंद्र चौधरी : आगरा और कासगंज।
– योगेंद्र उपाध्याय : कानपुर।
– आशीष पटेल : गोंडा।
– ओम प्रकाश राजभर : अंबेडकरनगर।

दारा सिंह चौहान को कुशीनगर और श्रावस्ती, सुनील शर्मा को सहारनपुर तथा अनिल कुमार को मुरादाबाद का प्रभार सौंपा गया है। असीम अरुण हरदोई और मेरठ के प्रभारी मंत्री बनाए गए हैं।

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बरेली-संभल और अन्य जिलों की व्यवस्था

जेपीएस राठौर को संभल और बरेली का प्रभारी बनाया गया है। दिनेश प्रताप सिंह बांदा और बहराइच जिले की जिम्मेदारी संभालेंगे। सुरेंद्र दिलेर बुलंदशहर और हंसराज विश्वकर्मा सोनभद्र के प्रभारी मंत्री होंगे।

सरकार का उद्देश्य

इस फेरबदल से सरकार का स्पष्ट संदेश है कि हर जिले में मजबूत प्रशासनिक निगरानी और नेतृत्व सुनिश्चित किया जाएगा। नए प्रभारी मंत्रियों से उम्मीद की जा रही है कि वे अपने-अपने जिलों में केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को तेजी से लागू करवाएंगे तथा स्थानीय स्तर पर लंबित समस्याओं का समाधान करेंगे।

यह बदलाव आगामी विधानसभा चुनाव से पहले प्रशासनिक मजबूती बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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