लखनऊ : लखनऊ में पेपर लीक मुद्दे पर NSUI कार्यकर्ताओं ने जनभवन घेराव का कार्यक्रम चलाया, लेकिन पुलिस ने कांग्रेस कार्यालय के बाहर 4 लेयर बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान NSUI कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच तीखी धक्का-मुक्की हुई। बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश में एक कार्यकर्ता बेहोश हो गया, जिसे अस्पताल ले जाया गया। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन से राजधानी में कई घंटों तक हंगामा मचा रहा।
प्रदर्शन की शुरुआत और पुलिस की तैयारी
पेपर लीक की घटनाओं के खिलाफ कांग्रेस के छात्र संगठन NSUI ने लखनऊ में जनभवन कूच का आह्वान किया था। NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। पुलिस ने पहले से ही कांग्रेस कार्यालय के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी और चार लेयर बैरिकेडिंग लगा रखी थी। कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था।
बैरिकेडिंग पर चढ़ाई और तीखी झड़प
जब NSUI कार्यकर्ता जनभवन की ओर मार्च करने लगे तो पुलिस ने उन्हें रोक लिया। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की और उस पर चढ़ गए। इस पर पुलिस ने उन्हें हटाने की कोशिश की, जिससे दोनों पक्षों के बीच जोरदार धक्का-मुक्की शुरू हो गई। प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक काफी देर तक चली।
एक कार्यकर्ता बेहोश, अस्पताल में भर्ती
झड़प के दौरान NSUI का एक कार्यकर्ता बेहोश हो गया। उसके साथियों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया। इस घटना से प्रदर्शनकारियों में आक्रोश बढ़ गया और नारेबाजी तेज हो गई।
पुलिस का एक्शन, कार्यकर्ताओं को भेजा इको गार्डन
झड़प के बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ दिया। अधिकांश NSUI कार्यकर्ताओं को बसों में बैठाकर इको गार्डन भेज दिया गया। पुलिस ने पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी और यातायात को भी प्रभावित किया गया। राजधानी में यह हंगामा कई घंटों तक जारी रहा।
NSUI का आरोप और मांग
NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे पेपर लीक युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रहे हैं। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह छात्रों के मुद्दों को गंभीरता से नहीं ले रही है। NSUI ने मांग की कि पेपर लीक की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
मौजूदा स्थिति
पुलिस ने प्रदर्शन को नियंत्रित करने में सफलता पाई है, लेकिन NSUI ने आगे भी आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है। इस घटना से लखनऊ में राजनीतिक तनाव बढ़ गया है। विपक्षी दलों ने भी पुलिस की कार्रवाई की निंदा की है, जबकि प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने का दावा किया है।








































